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बुज़ुर्गों का ख़ज़ाना चल रहा है!
जवानी की हवाएँ चल रही हैं, बुज़ुर्गों का ख़ज़ाना चल रहा है| राहत इन्दौरी
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चल बसी संध्या गगन से!
लीजिए आज एक बार फिर में हिन्दी गीत के सिरमौर स्वर्गीय हरिवंशराय बच्चन जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| बच्चन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय बच्चन जी का यह गीत, जिसमें उन्होंने संध्या डूबने का बड़ा सुंदर चित्र प्रस्तुत किया है –…