Category: Uncategorized
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लखनऊ, अयोध्या यात्रा-3
वाराणसी यात्रा का विवरण मैंने शेयर किया था और उसमें लखनऊ पहुँचने और वहाँ एक होटल में रुकने का उल्लेख भी किया था, लखनऊ पहुँचने पर शाम हो गई थी अतः उस दिन अन्य किसी गतिविधि के लिए समय नहीं था| हाँ अगले दिन अयोध्या जाने के लिए टैक्सी की व्यवस्था की और हम सो…
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कभी शो’ला कभी तूफ़ान हैं आँखें!
हर तरह के जज़्बात का एलान हैं आँखें, शबनम कभी शो’ला कभी तूफ़ान हैं आँखें| साहिर लुधियानवी
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वाराणसी, लखनऊ यात्रा-2
मैंने यात्रा से वापस लौटने के बाद एक ब्लॉग पोस्ट लिखी थी वाराणसी, लखनऊ आदि की यात्रा के बारे में, उसका एक भाग लिखने के बाद यहाँ गोवा में ही, पालोलिम बीच तक 2-3 दिन की आउटिंग पर जाने का प्रोग्राम बन गया, इसलिए उस यात्रा का विवरण अधूरा रह गया| अब संक्षेप में उस…
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राज़ है तेरा जो छुपा है मुझसे!
अब मिरे क़त्ल की तदबीर तो करनी होगी, कौन सा राज़ है तेरा जो छुपा है मुझसे| जाँ निसार अख़्तर
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रोटी जो खड़ा माँग रहा है मुझसे!
खो गया आज कहाँ रिज़्क़* का देने वाला, कोई रोटी जो खड़ा माँग रहा है मुझसे| *रोजगार जाँ निसार अख़्तर
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कोई जुर्म हुआ है मुझसे!
दिल का ये हाल कि धड़के ही चला जाता है, ऐसा लगता है कोई जुर्म हुआ है मुझसे| जाँ निसार अख़्तर
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हर दर्द मिरा छीन लिया है मुझसे!
हाए उस वक़्त को कोसूँ कि दुआ दूँ यारो, जिसने हर दर्द मिरा छीन लिया है मुझसे| जाँ निसार अख़्तर
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चाहा है तुम्हें चाहने वालों की तरह!
हम से भागा न करो दूर ग़ज़ालों की तरह, हम ने चाहा है तुम्हें चाहने वालों की तरह| जाँ निसार अख़्तर
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तो लगता है कि तुम हो!
जब शाख़ कोई हाथ लगाते ही चमन में, शरमाए लचक जाए तो लगता है कि तुम हो| जाँ निसार अख़्तर