Category: Uncategorized
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आज फिर रंग पे है!
आज फिर रंग पे है शाम ख़ुदा ख़ैर करे,फिर मिरे हाथ में है जाम ख़ुदा ख़ैर करे| बाल स्वरुप राही
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अंदाज़!
आज मैं हिंदी के अनूठे कवि स्वर्गीय भवानीप्रसाद मिश्र जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। भवानी दादा की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय भवानीप्रसाद मिश्र जी की यह कविता – अंदाज़ लग जाता हैकि घिरने वाले हैं बादलफटने वाला है आसमान ख़त्म हो जाने वाला…
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आज शाम है बहुत उदास!
आज मैं हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि स्वर्गीय भगवतीचरण वर्मा जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। इनकी अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय भगवतीचरण वर्मा जी की यह कविता – आज शाम है बहुत उदासकेवल मैं हूँ अपने पास । दूर कहीं पर हास-विलासदूर कहीं…