Category: Uncategorized
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गोवा और पर्यटन
पिछले दिनों कुछ इस प्रकार की चिंता व्यक्त की गई कि गोवा में विदेशी पर्यटकों का आना काफी कम हुआ है। मुझे इस विषय में अधिक जानकारी नहीं है लेकिन क्योंकि मैं गोवा में ही रहता हूँ इसलिए मुझे इस बात की चिंता है कि गोवा में अधिक पर्यटक आने चाहिएं और मेरा ध्यान कुछ…
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वो शाख़ ही न रही!
पलट के सू-ए-चमन देखने से क्या होगा,वो शाख़ ही न रही जो थी आशियाँ के लिए| साहिर लुधियानवी
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न तू ज़मीं के लिए!
न तू ज़मीं के लिए है न आसमाँ के लिए,तिरा वजूद है अब सिर्फ़ दास्ताँ के लिए| साहिर लुधियानवी
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एक खिड़की!
आज मैं हिंदी के आधुनिक कवि श्री अशोक वाजपेयी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। वाजपेयी जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री अशोक वाजपेयी जी की यह कविता – मौसम बदले, न बदलेहमें उम्मीद कीकम से कमएक खिड़की तो खुली रखनी चाहिए। शायद कोई…