Category: Uncategorized
-
प्रकृति संदेश!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय सोहन लाल द्विवेदी जी की एक बाल कविता शेयर कर रहा हूँ| द्विवेदी जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री सोहन लाल द्विवेदी जी की यह कविता – पर्वत कहता शीश उठाकर,तुम भी ऊँचे बन जाओ।सागर कहता है लहराकर,मन में गहराई…
-
ज़ंजीर पहनाई गई!
जुरअत-ए-इंसाँ पे गो तादीब के पहरे रहे,फ़ितरत-ए-इंसाँ को कब ज़ंजीर पहनाई गई| साहिर लुधियानवी