Category: Uncategorized
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अब कोई गिला नहीं रहा!
यक़ीन का अगर कोई भी सिलसिला नहीं रहा,तो शुक्र कीजिए कि अब कोई गिला नहीं रहा| जावेद अख़्तर
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उजली सुबह के नाम पर!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि श्री सोम ठाकुर जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। सोम ठाकुर जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री सोम ठाकुर जी का यह गीत- उजली सुबह के नाम परधोखे हमें बेहद मिलेसंकल्प कब पर्वत हुएकब लोग आदमकद मिले अपराध में…
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चन्द्रवर्णी रात!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय कुबेरनाथ राय जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। इनकी अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कुबेरनाथ राय जी की यह कविता- चन्द्रवर्णी रातगढ़ रही है काष्ठ चन्दनमॅंह-मॅंह गन्ध फैली है चन्द्रवर्णी रातछीलती है काष्ठखोलती निर्मोक वल्कलमलयगंधी मूर्ति का जोकाष्ठ के…
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रात ने मेरी जाँ लेने की!
कल फिर चाँद का ख़ंजर घोंप के सीने मेंरात ने मेरी जाँ लेने की कोशिश की। गुलज़ार