Category: Uncategorized
-
अभिमत बदलते हैं!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि इसाक अश्क जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। इसाक जी की रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है इसाक अश्क जी का यह नवगीत – रंगगिरगिट की तरहअभिमत बदलते हैं । रोज़करते हैं तरफ़दारीअंधेरों कीरोशनी कोलूटने वालेलुटेरों की इसमेंनहीं होते सफल तोहाथ मलते हैं…