Category: Uncategorized
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तेरा भी सामना हो कभी, ग़म की शाम से!
आज फिर एक पुराना गीत याद आ रहा है। जैसे कि दुनिया में होता ही है और फिल्में भी तो हमारी-आपकी दुनिया का आइना ही हैं! प्रेम जीवन का और इसीलिए साहित्य का, कथा-कहानियों का भी मुख्य तत्व होता है और इसी प्रकार फिल्मों में भी प्रेम के प्रसंग और प्रेम के गीत भी प्रमुखता…
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63. आस्था के नगीने फक़त कांच हैं !
आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग- आज सोशल मीडिया के बारे में बात कर लेता हूँ, ये ब्लॉग लिखने का मेरा उद्देश्य यही है कि मैं विभिन्न विषयों पर अपने विचारों को संकलित कर लूं और उसके बाद यदि कभी ऐसा मन बने तो इनमें से…
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दोपहर का समय था तब – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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प्रेम पर कविता – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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जितने सूरज उगते देखे, उससे ज्यादा संग्राम रहे!
आज हिंदी कविता, विशेष रूप से गीतों के एक अनूठे हस्ताक्षर- स्व. भारत भूषण जी का एक और गीत शेयर कर रहा हूँ। भारत भूषण जी मेरे प्रिय गीत कवि रहे हैं और अनेक बार उनको मंचों से कविता-पाठ करते सुनने का अवसर मिला है। कुछ बार उनके गीतों को सुनकर या पढ़कर आंखों में…
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An inspiring platform- Indiblogger
I am not very old in the field of blogging. I had been writing poems long time back when I was in Delhi. Whenever I, or anybody else for that matter, wrote a new poem, it was a strong desire that the poem be recited in a poetic symposium, shared with some peers to know…
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जब मिलेगी रोशनी मुझसे मिलेगी!
आज हिंदी गीतों के एक अत्यंत लोकप्रिय हस्ताक्षर रहे स्व. रामावतार त्यागी जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ। इस गीत में त्यागी जी ने एक जुझारू कलाकार के जज़्बे को अभिव्यक्ति दी है, जो यह हौसला रखता है कि वह अपने समर्पण और सृजनशीलता के बल पर दुनिया को रोशनी प्रदान करेगा। कवि…
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वो मौसम तो गुज़र गया!
आज हिंदी गीतों के एक महान हस्ताक्षर स्व. गोपाल दास नीरज जी की याद आ रही है। हिंदी कविता और विशेष रूप से मंचीय गीत कवियों में अलग-अलग कवियों का जमाना रहा था। एक समय था जब मंचों पर बच्चन जी बहुत लोकप्रिय थे, उन्होंने अपनी जीवनी में भी यह प्रसंग लिखा है कि कैसे…
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आंधियों तुमने दरख्तों को गिराया होगा!
आज कैफ भोपाली साहब की लिखी एक गज़ल याद आ रही है। वैसे तो गज़ल के सभी शेर स्वतंत्र होते हैं और वे अलग-अलग बात कह सकते हैं, लेकिन इस गज़ल में एक बात जो एक-दो शेरों में विशेष रूप से उभरकर आती है, वह है कि आस्था में बहुत बड़ी ताकत होती है। जहाँ…
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तेरी एक निगाह की बात है, मेरी ज़िंदगी का सवाल है!
आज कुछ विचार आ रहे हैं दिमाग में और साथ ही एक पुराना गीत याद आ रहा है। हम सभी ईश्वर के सामने जाते हैं अपनी-अपनी फरियादें, कामनाएं लेकर और चाहते हैं कि वे पूरी हो जाएं। आजकल इंस्टेंट रिज़ल्ट की उम्मीद में लोग बाबाओं के पास भी बड़ी तादाद में जाते हैं और इस…