Category: Uncategorized
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भंवरा तुम्हारी हंसी न उड़ाये!
पिछली बार जो युगल गीत शेयर किया था, बिना कारण नायिका की फिक्र करने वाले दीवाने नायक का, खुदाई खिदमदगार का, कुछ उसी तरह का गीत आज याद आ रहा है। इस गीत को मुकेश जी के साथ लता जी ने गाया है, फिल्म है- 1961 में रिलीज़ हुई- नज़राना, इसमें भी नायक तो राजकपूर…
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Teachers and Talent!
So it is time to present my views on the weekly prompt on #IndiSpire- Can teachers today be called “the untalented leftovers”? Give reasons. #Teachers Yes, I do agree that when a young person chooses his career, mostly under the guidance of his parents and peers, ‘Teaching’ is not the first priority or…
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चुरा ले न तुमको ये मौसम सुहाना!
जीवन में सभी चाहते हैं कि कोई हमारा खयाल रखने वाला हो, कोई हो जो हमारी सलामती की चिंता करे, हमारी फिक्र करे! लेकिन फिल्मों में और शायद ऐसा असली ज़िंदगी में भी होता है कुछ लोगों के साथ कि लोग उनका इतना खयाल रखते हैं, इतनी चिंता करते हैं, अपनी सेवाएं प्रदान करने के…
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सुंदर सपना टूट गया!
सामान्यतः हर बड़ी घटना के साथ बहुत सारे लोगों के सपने जुड़े होते हैं। हाल ही में हुए लोकसभा के चुनाव भी ऐसी ही बड़ी घटना थे। इस अवसर पर जहाँ राजनैतिक दलों को तलाश होती है ऐसे उम्मीदवारों की जो चुनाव जीत सकें वहीं बहुत सारे अपने-अपने क्षेत्र के सेलीब्रिटी भी सोचते हैं कि…
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अजब तमाशा – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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जय श्रीराम बोलने वाले राक्षस!
आज एक ऐसा विषय जिस पर चर्चा करना मुझे बहुत जरूरी लग रहा है। हिंदू धर्म के और हमारे राष्ट्र के महान नायक, आदर्श पुरुष- मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जी को आजकल कुछ ऐसे लोग बदनाम करने में लगे हैं, जो अपने आपको श्रीराम जी का भक्त बताना चाहते हैं, लेकिन वास्तव में वे शुद्ध रूप…
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मेरे महबूब कहीं और मिला कर मुझसे!
आज फिर से एक ऐसा विषय जिस पर युग-युगों से चर्चा होती रही है, कार्रवाई होती रही है। फिल्म- ‘मिलन’ का एक युगल गीत है- ‘हम तुम, युग-युग से ये गीत मिलन के गाते रहे हैं, गाते रहेंगे’। जी हाँ प्रेम, जो वैसे तो पूरी दुनिया को बांधता है, दुनिया का सार प्रेम ही है,…
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Living with Happiness!
Today I am making my submission based on the #IndiSpire prompt, which says- Is happiness worthless today? Today so many people are running to earn money leaving some responsibilities behind , while running they forget to laugh or real happiness. #happinessworthless While thinking on this subject, I remember an old story. There are…
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दिन प्रतिदिन वह आता है – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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सिंहासन खाली करो कि जनता आती है!
आज मैं विख्यात हिंदी कवि स्व. रामधारी सिंह दिनकर जी, जिन्हें राष्ट्रकवि माना जाता था, उनकी एक प्रसिद्ध कविता शेयर कर रहा हूँ जिसकी कुछ पंक्तियां अक्सर उद्धृत की जाती हैं और जयप्रकाश जी के आंदोलन के दौरान भी यह एक नारा बन गया था- ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’। दिनकर जी ने…