Category: Uncategorized
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किस क़दर जल्द बदल जाते हैं इन्सां जाना !
भारतीय उपमहाद्वीप में उर्दू के जो सर्वश्रेष्ठ शायर हुए हैं, उनमें से एक रहे हैं जनाब अहमद फराज़, वैसे तो श्रेष्ठ कवियों/शायरों के लिए सीमाओं का कोई महत्व नहीं होता, लेकिन यह बता दूँ कि फराज़ साहब पाकिस्तान में थे और उनमें इतना साहस था की उन्होंने वहाँ मिलिटरी शासन का विरोध किया था|फराज़ साहब…
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Moral of the story!
Yes, it has been the endeavor of many writers, film makers, directors to leave a moral behind in their stories or film scripts. We have been listening to many religious stories and scriptures etc. which tell us that in the end truth prevails and nice people win in the end. With that in mind, our…
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मेरे अपने, मेरे होने की निशानी माँगें!
आज मैं 1991 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘डैडी’ का एक बहुत भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ| यह गीत लिखा है सूरज सनीम जी ने और इसके लिए संगीत दिया है राजेश रोशन जी ने| इस गीत को ज़नाब तलत अज़ीज़ जी ने बहुत भावपूर्ण तरीके से निभाया है| इस फिल्म में अनुपम खेर जी…
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कौन है यह – रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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चाहता हूँ देश की धरती, तुझे कुछ और भी दूँ!
हिन्दी काव्य मंचों के एक अत्यंत लोकप्रिय कवि रहे स्वर्गीय रामावतार त्यागी जी का एक प्रसिद्ध गीत आज शेयर कर रहा हूँ, जिसमें कवि ऐसे भाव व्यक्त करता है कि अपने महान राष्ट्र के लिए सब कुछ समर्पित करने के बाद भी हम उसका ऋण नहीं उतार सकते| लीजिए प्रस्तुत है राष्ट्रप्रेम की भावना से…
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पुष्प – रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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सेवा की दरकार, सेवा का कारोबार!
कुछ दिन पहले मैंने सरकारी पेंशन की परेशानियों को लेकर एक ब्लॉग पोस्ट लिखी| उस पोस्ट का उद्देश्य मात्र इतना बताना था कि हमारा सिस्टम कितना क्रूर है, वह किसी भी परेशानी की स्थिति को समस्याएँ और बढ़ाने के लिए प्रयोग में ला सकता है, उनके पास किसी समस्या का हल कभी नहीं होता! मेरी…
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क्षण भर को क्यों प्यार किया था?
आज मैं स्वर्गीय हरिवंशराय बच्चन जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ, आज की पीढ़ी उनको अमिताभ बच्चन के पिता के रूप में अधिक जानती है, परंतु किसी ज़माने वे हिन्दी कवि सम्मेलनों के अत्यंत लोकप्रिय कवि हुआ करते थे| उनकी ‘मधुशाला’ ने तो लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे, लोग इसको सुनकर…
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Living with a purpose!
There is so much life happening around us, not only humans but animals, insects, plants. In a way every living being has a purpose in life. Only thing is that all other species have a purpose defined by nature. Humans are the thinking, dreaming and planning creatures. They can dream and define their goals according…
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नन्हीं कलाइयों की गुलाबी चूड़ियाँ!
एक बार फिर मैं जनकवि नागार्जुन जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| स्वर्गीय नागार्जुन जी विद्रोह और क्रान्ति की कविताओं के लिए जाने जाते थे, परंतु यह अलग तरह की कविता है, जिसमें एक रौबीले दिखने वाले बस चालक की ममता, अपनी पुत्री के प्रति उसके प्रेम को प्रतिबिंबित किया गया है, बस…