Category: Uncategorized
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दिन की बुझी शिराओं में, एक और उमर आई!
एक बार फिर से मैं आज अपने एक प्रिय कवि स्वर्गीय रमेश रंजक जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| यह गीत है शाम का, बचपन में हमने गीत पढ़े थे ग्रामीण परिवेश पर शाम के, जब गोधूलि वेला में बैल रास्ते में धूल उड़ाते हुए घर लौटते हैं| यह शहरी परिवेश में शाम…
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स्वतन्त्रता- रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। आज भी मैंने अनुवाद के लिए अंग्रेजी कविता को ऑनलाइन उपलब्ध कविताओं…
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सपने, सुरीले सपने!
आज एक बार फिर से मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक गीत शेयर करना चाहूँगा| ये गीत राजेश खन्ना जी और अमिताभ जी के कुशल अभिनय से युक्त फिल्म- आनंद से है, जो 1971 में रिलीज़ हुई थी| इस फिल्म में मुकेश जी का गाया एक और गीत- ‘कहीं दूर जब दिन…
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घाट-घाट घूमे, निहारी सारी दुनिया!
आज एक बार फिर से मैं हिन्दी काव्य मंचों के एक प्रसिद्ध हस्ताक्षर, छंदबद्ध हास्य कविता के श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय अल्हड़ बीकानेरी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| एक प्रसिद्ध भजन है जिसे उन्होंने आधुनिक संदर्भों में अलग ढंग से प्रस्तुत किया| लीजिए प्रस्तुत है यह कविता – साधू, संत, फकीर, औलिया, दानवीर,…
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चार किताबें पढ़कर ये भी, हम जैसे हो जाएंगे!
आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ| निदा फाज़ली साहब की एक गज़ल है- तन्हा तन्हा दुख झेलेंगे महफ़िल महफ़िल गाएँगेजब तक आँसू पास रहेंगे तब तक गीत सुनाएँगे। यह गज़ल पहले भी शायद मैंने शेयर की है, आज इस गज़ल का एक शेर खास तौर पर याद आ रहा था-…
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लंदन में शॉपिंग का एक और दिन!
दो वर्षों में किए गए लंदन प्रवास के जो अनुभव मैं शेयर कर रहा था, आज उसकी अंतिम कड़ी है, अर्थात अगस्त-सितंबर में डेढ़ माह के लंदन प्रवास से संबंधित यह अंतिम आलेख है, लीजिए इसको भी झेल लीजिए| इस वर्ष के लंदन प्रवास का आज अंतिम रविवार था। यह तो निश्चित ही है कि…
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इंग्लैंड का टॉवर ऑफ लंदन!
इस वर्ष का लंदन प्रवास भी अब संपन्न होने को है। वास्तव में यह अंतिम सप्ताहांत है लंदन में इस बार के डेरे का! इस क्रम में आज हम जहाँ घूमने गए वह था- ‘ टॉवर ऑफ लंदन’ जिसे विश्व धरोहरों अर्थात ‘वर्ल्ड हेरिटेज’ की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह ‘टॉवर ब्रिज’ की…
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क्लासिक बोट फेस्टिवल, लंदन!
लंदन प्रवास के इस वर्ष के अनुभवों के अंतर्गत आज मैं बात करूंगा ‘क्लासिक बोट-फेस्टिवल’ की, जिसे हम आज देखने गए और मैं आज इसी का अनुभव शेयर कर रहा हूँ। सभी प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर यह भी परंपरा होती है कि वे समय-समय पर ऐसे विभिन्न मेले, उत्सव आदि आयोजित करते रहते हैं जिससे…
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एक बार फिर ओ-2 !
जैसा आप जानते हैं, इन दिनों मैं अगस्त-सितंबर 2019 में किए गए हमारे दूसरे लंदन प्रवास के अनुभव शेयर कर रहा हूँ| अब यह क्रम भी शीघ्र समाप्त होने वाला है और जल्दी ही मुझे अपने नियमित कार्यक्रम को फिर से अपनाना होगा| प्रस्तुत है आज का प्रसंग| आज की हमारी मंज़िल थी- ओ-2, यह…