Category: Uncategorized
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अणु-अणु का कंपन जान चली!
मैंने छायावाद युग के कीर्तिस्तंभ रहे महाकवियों पंत, प्रसाद और निराला जी की एक-एक रचना शेयर करते हुए उस युग की एक झलक दिखाने का प्रयास किया था| बाद में मुझे खयाल आया कि महादेवी जी को शामिल किए बिना तो छायावाद युग की एक झलक देना भी संभव नहीं है| फिर जैसे मैंने निराला…
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जब हम दोनो ज़ुदा हुए
आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है, लीजिए मैं अपनी एक पुरानी पोस्ट, फिर से शेयर कर रहा हूँ| आज फिर से अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बॉयरन की एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- हम…
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गीत ऋषि- देवेंद्र शर्मा ‘इंद्र’
आज के समय में काव्य-लेखन को साधना का नाम देने का कोई औचित्य दिखाई नहीं देता| आज अधिकांश लोग लिखना शुरू करते हैं तो उनके सामने एक लक्ष्य होता है, वह मंच हो या किसी अन्य प्रकार से प्रकाशन-प्रसारण आदि के माध्यम से कमाई और ख्याति अर्जित करना| इन परिस्थितियों में स्वर्गीय देवेंद्र शर्मा ‘इंद्र’…
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Faith, Belief and Motivation!
We humans are one of the millions of species that exist in the universe. We keep thinking about our life, aims and how to achieve our goals, how to succeed in life. Do we ever think whether other living beings also have some goals, dreams or aspirations in life and whether they are on the…
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थक गये हिरन चलते–चलते
आज एक बार फिर से मैं अपने एक अत्यंत प्रिय कवि रहे स्वर्गीय किशन सरोज जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| किशन जी को अनेक बार सुनने और अनेक बार उनसे मिलने का अवसर मिला, ये मेरा सौभाग्य था, अत्यंत सरल, सौम्य और शालीन व्यक्ति थे| आज की रचना, में किशन सरोज जी…
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राजे ने अपनी रखवाली की!
छायावाद युग के स्तंभ रहे महाकवियों की एक रचनाएं शेयर करने के क्रम में मैं आज स्वर्गीय सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| निराला जी अपने युग से बहुत आगे के कवि थे और उनकी रचना ‘राम की शक्तिपूजा’ एक कालजयी रचना है| निराला जी को उनकी उदारता और फक्कड़पन…
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बीती विभावरी जाग री!
दो दिन पहले ही मैंने छायावाद युग के एक स्तंभ रहे स्वर्गीय सुमित्रानंदन पंत जी की एक रचना शेयर की थी| आज इसी युग के एक और महाकवि जयशंकर प्रसाद जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| प्रसाद जी को उनके महाकाव्य- ‘कामायनी’ के लिए विशेष रूप से जाना जाता है| आज की इस…
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जो अपराधी नहीं होंगे, मारे जाएँगे!
आज मैं हिन्दी के एक श्रेष्ठ कवि श्री राजेश जोशी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ, रचना अपनी बात स्वयं कहती है, इसलिए मैं अलग से कुछ नहीं कहूँगा, कुल मिलाकर यह विपरीत स्थितियों का सामना स्वाभिमान और खुद्दारी के साथ करने का संदेश देने वाली रचना है| लीजिए आज प्रस्तुत है, श्री…
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काले कपड़े पहने हुए सुबह देखी!
कल मैंने अपने एक संस्मरण में, एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से अन्य लोगों के साथ स्वर्गीय कुमार शिव जी को भी याद किया था और उनके एक-दो गीतों का उल्लेख किया था| आज उनको श्रद्धांजलि स्वरूप उनका एक पूरा गीत यहाँ दे रहा हूँ| इस गीत में उन्होंने अपनी खुद्दारी की प्रभावी अभिव्यक्ति…