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एक पूरा दिन!
गुलज़ार साहब हमारे देश के बहुत सृजनशील और प्रयोगधर्मी रचनाकार हैं| जहां फिल्मी दुनिया को उन्होंने बहुत से नायाब गीत दिए हैं वहीं जगजीत सिंह जी जैसे ग़ज़ल गायकों ने भी उनकी अनेक रचनाओं को अपना स्वर दिया है| लीजिए आज प्रस्तुत है गुलज़ार साहब की यह नज़्म- मुझे खर्ची में पूरा एक दिन, हर…
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आज रात मैं लिख सकता हूँ!
आज भी मैं विख्यात कवि नोबेल पुरस्कार विजेता- श्री पाब्लो नेरुदा की जो मूलतः चिले से थे, की मूल रूप से ‘स्पेनिश’ भाषा में लिखी गई कविता, के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर उसका भावानुवाद और उसके बाद अंग्रेजी में अनूदित मूल कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज…
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आग अब भी कहीं दबी-सी है!
आज बिना किसी भूमिका के जावेद अख्तर साहब की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| जावेद अख्तर किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं और फिर कविता अपनी बात स्वयं कहती है| लीजिए प्रस्तुत है जावेद अख्तर साहब की यह ग़ज़ल- हर ख़ुशी में कोई कमी-सी है,हँसती आँखों में भी नमी-सी है| दिन भी चुपचाप सर…
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आज मन भारी है!
स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी के अनेक गीत मैंने पहले शेयर किए हैं, आज एक और गीत शेयर कर रहा हूँ| अवस्थी जी भावुकता के अर्थात मन के कवि थे| कोई कवि अपनी कविताओं में वीरता बघार सकता है, परंतु मन की बात तो उसको भावुक होकर ही कहानी होगी| लीजिए प्रस्तुत है मन के व्यथित…
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चोट और टूटना दिल का!
जोश मलीहाबादी जी का प्रसिद्ध शेर है, जिसे गुलाम अली साहब ने एक ग़ज़ल के शुरू में गाया है- दिल की चोटों ने कभी चैन से रहने न दिया, जब चली सर्द हवा, मैंने तुझे याद किया| वास्तव में जब सर्दी पड़ती है तब पुरानी चोटें भी कसकती हैं| हम अक्सर देखते हैं कि हमारे…
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वह चलती है, सुंदरता बिखेरते हुए!
आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट- पिछले कुछ दिनों में मैंने लॉर्ड बॉयरन की कुछ कविताओं का भावानुवाद प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। कविता में एक खूबसूरती यह भी होती है कि हर कोई उसे अपनी तरह से समझ सकता है। आज फिर से…
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Golden Bloggerz Award
I have been nominated for Golden Bloggerz Award by my fellow blogger Priya Ji, who writes very interesting and thought provoking blog posts, by the name ‘Priya’s Learning Centre’. She is a nice human being, a true friend and a creative blogger. Her blog posts are quite useful and inspiring. (https://priyaslearningcentre.com) What is the Golden…
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दीपक जलता रहा रात भर!
आज हिन्दी काव्य मंचों के एक अत्यंत लोकप्रिय गीतकार रहे स्वर्गीय गोपाल सिंह ‘नेपाली’ जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| नेपाली जी प्रेम और ओज दोनों प्रकार के गीतों के लिए जाने जाते थे| लीजिए प्रस्तुत है नेपाली जी यह गीत- तन का दिया, प्राण की बाती,दीपक जलता रहा रात-भर । दु:ख की…
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कोई हंगामा करो ऐसे गुज़र होगी नहीं!
दुष्यंत कुमार जी हिन्दी के श्रेष्ठ साहित्यिक कवि थे और आपात्काल के दौरान जब उन्होंने एक के बाद एक विद्रोह के स्वरों को गुंजाने वाली ग़ज़लें लिखीं, तब वे जनता के बीच बहुत लोकप्रिय हो गए| मुझे याद है उस समय कमलेश्वर जी साहित्यिक पत्रिका – ‘सारिका’ में निरंतर ये ग़ज़लें प्रकाशित करते थे और…
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मन का बुझा दीपक नहीं जलता!
ऐसे बहुत से लोग होते हैं जिनको अतीत में रहना बहुत अच्छा लगता है और अक्सर वे वर्तमान का सामना करने से बचने के लिए भी अतीत में डेरा डाल लेते हैं, क्योंकि वहाँ वे अपने आपको ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं| मेरे साथ ऐसा तो नहीं है, परंतु चाहे वह कविता की बात हो…