Category: Uncategorized
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मोह मोह के धागे!
आज अपने एक मित्र और सहकर्मी के प्रसंग में बात करना चाहूँगा| ये मेरे साथी मेरे बॉस थे, परंतु उनसे बात करते हुए मुझे कभी यह लगा ही नहीं कि वो मेरे बॉस थे| वैसे इस तरह का अनुभव मेरा बहुत से लोगों के साथ रहा है, परंतु उन सबमें शायद ये सबसे सज्जन व्यक्ति…
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दुख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी!
आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है, लीजिए मैं अपनी एक पुरानी पोस्ट, फिर से शेयर कर रहा हूँ| चलिए पुराने पन्ने पलटते हुए, एक क़दम और आगे बढ़ते हैं।आज फिर से जीवन का एक पुराना पृष्ठ, कुछ पुरानी यादें, एक पुराना ब्लॉग! जयपुर पहुंच गए लेकिन काफी कुछ पीछे छूट गया। मेरी मां,…
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कौवों ने खुजलाईं पांखें, कई दिनों के बाद!
बंगाल के चुनाव परिणामों को लेकर कुछ कहने का मन हो रहा है| कल देखा कि राजदीप सरदेसाई बहुत दिनों के बाद, अपनी दीदी के बंगाल चुनावों में विजयी होने के उपलक्ष्य में प्रसन्नचित्त होकर उनका इंटरव्यू ले रहे थे| बहुत दिनों के बाद ऐसा मौका आता है जब राजदीप, बरखा दत्त, रवीश कुमार, विनोद…
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यूं ही ना तोड़ अभी बीन रे सपेरे!
आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है, लीजिए मैं अपनी एक पुरानी पोस्ट शेयर कर रहा हूँ| अपनी शुरू की ब्लॉग पोस्ट्स में, मैंने अपनी जीवन यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ावों का ज़िक्र किया था, आज उनमें से ही एक पोस्ट को दोहरा रहा हूँ, क्योंकि इसमें आदरणीय बुद्धिनाथ मिश्र जी का एक प्यारा सा…
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गति,अगति, सद्गति!
आज का समय मानव जाति के लिए बड़ा कठिन है, खास तौर पर कोरोना की यह दूसरी लहर भारतवर्ष के लिए बड़े कष्ट लेकर आई है| पहली लहर के समय हम कहते थे कि बाहर से लोगों को क्यों आने दे रहे हैं! आज दूसरे अनेक देश भारत से लोगों का वहाँ जाना प्रतिबंधित कर…
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मैं जहां भी जाऊंगा, उसको पता हो जाएगा !!
आज डॉक्टर बशीर बद्र साहब की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ, जिसे जगजीत सिंह और अन्य गायक कलाकारों ने भी गाया है| बद्र साहब अपनी नायाब एक्स्प्रेशन और भाषिक प्रयोगों के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है डॉक्टर बशीर बद्र साहब की ये बेहतरीन ग़ज़ल- सर झुकाओगे तो पत्थर…
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इंसान की ख़ुश्बू आती है!
भारतीय उपमहाद्वीप के एक अत्यंत लोकप्रिय शायर रहे क़तील शिफ़ाई साहब की एक ग़ज़ल आज शेयर कर रहा हूँ| क़तील शिफ़ाई साहब पाकिस्तान के निवासी थे और उन्होंने अत्यंत खूबसूरत ग़ज़लें लिखी हैं जो बहुत लोकप्रिय हुई हैं और ग़ुलाम अली, जगजीत सिंह आदि प्रमुख गायकों ने उनको गाया है| लीजिए प्रस्तुत है क़तील शिफ़ाई…
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उसे तुम भी भूल जाओ!
भारतीय उपमहाद्वीप के एक अत्यंत लोकप्रिय शायर रहे स्वर्गीय अहमद फ़राज़ साहब की एक ग़ज़ल आज शेयर कर रहा हूँ| अहमद फ़राज़ साहब पाकिस्तान के निवासी थे और उन्होंने अत्यंत खूबसूरत ग़ज़लें लिखी हैं जो बहुत लोकप्रिय हुईं और ग़ुलाम अली, जगजीत सिंह आदि प्रमुख गायकों ने उनको गाया है| लीजिए प्रस्तुत है अहमद फ़राज़…
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I am worried for God Almighty!
Today I am going for the easier option, provided through #IndiSpire prompt for the week. The challenge is that we write a short story only in three lines. Now since the story has to be only in 3 lines, the introduction could be bigger! I am not sure whether the short story would be as…
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उनकी याद, उनकी तमन्ना, उनका ग़म!
शकील बदायुनी साहब भारत के एक जाने–माने शायर थे और हिन्दी फिल्मों के लिए भी उन्होंने कुछ बहुत नायाब गीत लिखे हैं| उनका एक शेर तो मुझे अक्सर याद आता है- ‘जब चला ज़िक्र ज़माने में मोहब्बत का शकील, मुझको अपने दिल-ए-नाकाम पे रोना आया!’ लीजिए आज प्रस्तुत है शकील साहब की यह ग़ज़ल- सुब्ह…