Category: Uncategorized
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मैं दिया हूँ ऐसा जहान में!
आज मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक और बहुत प्यारा सा गीत शेयर कर रहा हूँ| आज का यह गीत फिल्म ‘उम्र क़ैद’ से है, इसका संगीत तैयार किया था इकबाल कुरैशी जी ने और इस गीत को लिखा था हसरत जयपुरी जी ने| कभी कभी हमें यह बहुत महत्वपूर्ण लगता है…
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समय के विष बुझे नाखून!
सोम ठाकुर जी मेरे प्रिय हिन्दी कवियों में से एक हैं, मेरा सौभाग्य है कि एक श्रोता और एक आयोजक के रूप में भी मुझे उनसे अनेक बार मिलने का अवसर प्राप्त हुआ और मैंने उनके बहुत से गीत पहले भी शेयर किए हैं, राष्ट्र प्रेम, भाषा प्रेम, विशुद्ध प्रेम, कौन सा क्षेत्र है जिसमें…
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जैसे नाम तुम्हारा दिन!
आज मैं एक बार फिर सूर्यभानु गुप्त जी की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| वैसे तो ग़ज़ल लिखने वाले बहुत सारे हैं, लेकिन कुछ होते हैं जो अपने अलग किस्म के मुहावरे, अभिव्यक्ति के सौन्दर्य के कारण पहचाने जाते हैं, सूर्यभानु गुप्त जी भी उनमें शामिल हैं| उनके कुछ शेर जो मुझे अक्सर याद…
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फिर कैसा घबराना!
कल की तरह आज भी मैं, हम सबके प्यारे मुकेश जी और सुमन कल्याणपुर जी का गाया एक बहुत सुंदर युगल गीत शेयर कर रहा हूँ| जैसा मैंने कल भी कहा था, मुकेश जी ने अनेक बहुत प्यारे गीत लता जी के साथ गाए थे, जो उनको अपना बड़ा भाई मानती थीं, वहीं सुमन कल्याणपुर…
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मुझ पे लटें बिखराए!
हम सबके प्यारे मुकेश जी और सुमन कल्याणपुर जी का गाया एक बहुत सुंदर युगल गीत आज शेयर कर रहा हूँ| मुकेश जी ने अनेक बहुत प्यारे गीत लता जी के साथ गए थे, जो उनको अपना बड़ा भाई मानती थीं, वहीं सुमन कल्याणपुर जी के साथ भी मुकेश जी ने कुछ बहुत प्यारे गीत…
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जगमग जगमग!
राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत कविताएं लिखने वाले, कविता की प्राचीन परंपरा के कवि स्वर्गीय सोहन लाल द्विवेदी जी की एक कविता आज शेयर कर रहा हूँ| मुझे याद है कि जब मैं छोटी कक्षाओं का ही विद्यार्थी था तब मैंने द्विवेदी जी की कुछ कविताएं पाठ्यक्रम में पढ़ी थीं | गांधी जी को लेकर लिखी…
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हमारा कल भी क्या होगा!
आज फिर से मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक बहुत सुंदर गीत शेयर कर रहा हूँ| देव कोहली जी का लिखा यह गीत मुकेश जी ने फिल्म- ‘जीवन रेखा’ के लिए गाया था, इसका संगीत तैयार किया था जगदीश राजपुरोहित जी ने| कभी कभी हमें लगता था कि खुशियां हमारे लिए बनी…
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परंपरा
आज राष्ट्रकवि स्वर्गीय रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| इस रचना में दिनकर जी ने बड़े ही शालीन तरीके से परंपरा और क्रांति दोनों के महत्व और प्रासंगिकता को समझाया है और यह भी बताया है कि दोनों का ही समझदारी के साथ निर्वाह किया जाना चाहिए| इनमें से कुछ…
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मैं गरीबों का दिल हूँ वतन की ज़ुबां!
आज हसरत जयपुरी साहब का लिखा एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ| यह गीत 1955 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘आब ए हयात’ के लिए सरदार मलिक जी के संगीत निर्देशन में हेमंत कुमार जी ने अपने सुरीले अंदाज़ में गाया था| और हां इस फिल्म के नायक थे प्रेम नाथ जी| यह फिल्म तो नहीं…
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जी यहां घबराता है!
आज सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| सर्वेश्वर जी अपने समय के प्रमुख साहित्यिक कवियों में शामिल थे और उस समय की प्रमुख साप्ताहिक समाचार पत्रिका ‘दिनमान’ के संपादन मण्डल में शामिल थे| बाकी तो कविता खुद अपनी बात कहती है, लीजिए प्रस्तुत है सर्वेश्वर जी की यह कविता अजनबी…