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नज़ारा बदल न जाए कहीं!
नजर-नवाज़ नजारा बदल न जाए कहींजरा-सी बात है मुँह से निकल न जाए कहीं| दुषयांत कुमार
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हम तुम ना जुदा होंगे!
मोहम्मद रफी साहब का नाम, भारतीय सिने संगीत की दुनिया में किसी परिचय का मोहताज नहीं है| जिस तरह नायकों की दुनिया में राज कपूर, दिलीप कुमार और देव आनंद की तिकड़ी प्रसिद्ध थे, उसी प्रकार पुरुष गायकों की दुनिया में रफी, मुकेश और किशोर कुमार ऐसे नाम हैं जिनको भुलाया जाना मुश्किल है| आज…
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वो भी हर किसी की तरह!
कभी न सोचा था हमने क़तील उसके लिए,करेगा हम पे सितम वो भी हर किसी की तरह। क़तील शिफाई
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वो भी न बन सका अपना!
सितम तो ये है कि वो भी न बन सका अपना,क़ुबूल हमने किया जिसका गम खुशी की तरह। क़तील शिफाई
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छुपेगा वो किसी बदली में!
किसे खबर थी बढ़ेगी कुछ और तारीक़ी,छुपेगा वो किसी बदली में चांदनी की तरह। क़तील शिफाई
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प्रश्न हूँ तुम्हारा ही!
आज एक बार फिर से में प्रसिद्ध कवि, कथाकार, गीतकार, संस्मरण लेखक और धर्मयुग के यशस्वी संपादक रहे स्वर्गीय धर्मवीर भारती जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| जैसा मैंने उल्लेख किया भारती जी ने साहित्य की प्रत्येक विधा में और पत्रकारिता एवं संपादन में भी अपना अमूल्य योगदान दिया था| उनकी कुछ पंक्तियाँ…