Category: Uncategorized
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हमारा कोई नहीं!
हम डोले ऑल अलॉन्ग हमारा कोई नहीं, मिड ओशन में है बोट, किनारा कोई नहीं| (कहीं सुना हुआ)
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उस निगाह के बाद!
जनाब कृष्ण बिहारी ‘नूर’ साहब भारत के प्रसिद्ध उर्दू शायरों की फेहरिस्त में शामिल हैं| उनकी बहुत सी ग़ज़लें जगजीत सिंह जी ने और अन्य प्रमुख ग़ज़ल गायकों ने गाई हैं| जैसे ‘ज़िंदगी से बड़ी सज़ा ही नहीं, और क्या जुर्म है पता भी नहीं’ और ‘बस एक वक़्त का खंजर मेरी तलाश में है’|…
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ओ शतरूपा !
एक बार फिर से आज मैं स्वर्गीय कुमार शिव जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| कुमार शिव जी की पंक्तियाँ जो मुझे हमेशा याद रहती हैं, वे हैं- ‘काले कपड़े पहने हुए सुबह देखी, देखी हमने अपनी सालगिरह देखी’ और ‘फ्यूज बल्बों के अद्भुद समारोह में, रोशनी को शहर से निकाला गया’| लीजिए…