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मेरे हमसफ़र
आज फिर से मैं मुकेश जी और लता मंगेशकर जी के गाये एक युगल गीत के बोल प्रस्तुत कर रहा हूँ, जो कि आनंद बख्शी जी ने लिखे थे| फिल्म ‘मेरे हमसफ़र’ के लिए इसका संगीत तैयार किया था कल्याणजी आनंदजी की संगीतमय जोड़ी ने| लीजिए प्रस्तुत है लता मंगेशकर जी और मुकेश जी के…
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अब शम्मा ज़लाता क्या है!
मर गए प्यास के मारे तो उठा अब्र-ए-करम,बुझ गयी बज़्म तो अब शम्मा ज़लाता क्या है|
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यारों को सुनाता क्या है!
मेरी रुसवाई में तू भी है बराबर का शरीक़,मेरे किस्से मेरे यारों को सुनाता क्या है|
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वह मातृभूमि मेरी
आज फिर से मैं भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अभियान को अपने स्वर प्रदान करने वाले महान कवि , गांधी जी के लिए ‘चल पड़े जिधर दो डग मग में’, ‘वंदना के इन स्वरों में एक स्वर मेरा मिला लो आदि अनेक प्रेरक रचना करने वाले स्वर्गीय सोहन लाल द्विवेदी जी की एक और, भारतवर्ष का…