Category: Uncategorized
-
प्यासी है ज़िंदगी और मुझे प्यार दो!
आज फिर से मैं, मुकेश जी और लता मंगेशकर जी के गाये एक युगल गीत के बोल प्रस्तुत कर रहा हूँ, यह गीत फिल्म ‘फिल्म-होली आई रे’ के लिए लिखा था क़मर जलालाबादी साहब ने और इसका मधुर संगीत तैयार किया था कल्याणजी-आनंदजी की प्रसिद्ध जोड़ी ने| लीजिए प्रस्तुत है मुकेश जी और लता जी…
-
प्रचलन बदला शहर हुआ!
धीरे-धीरे हर बस्ती का, प्रचलन बदला शहर हुआ,सूट-बूट हर वन मानुष ने, धीरे-धीरे डाट लिए| सूर्यभानु गुप्त
-
जब अपनी प्यास के–
जब अपनी प्यास के सहरा से डर गया हूँ मैं,नदी में बांध के पत्थर उतर गया हूँ मैं| सूर्यभानु गुप्त