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कारवाँ गुज़र गया!
आज बिना किसी भूमिका के, श्रेष्ठ कवि और गीतों के राजकुमार कहलाने वाले स्वर्गीय गोपाल दास ‘नीरज’ जी का एक प्रसिद्ध गीत शेयर कर रहा हूँ| एक ऐसा गीत जो नीरज जी की पहचान बना और उनसे अक्सर कवि सम्मेलनों में यह गीत प्रस्तुत करने का अनुरोध किया जाता था| इस गीत का कुछ अंश…
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सुहानी चांदनी रातें|
आज एक गीत फिल्म ‘मुक्ति’ से, हमारे प्रिय गायक मुकेश जी के मधुर स्वर में, इसका संगीत तैयार किया है राहुल देव बर्मन जी ने और गीत लिखा था आनंद बख्शी जी ने| मुकेश जी का यह रोमांटिक गीत आज भी हमारे मन में गूंजता रहता है| लीजिए प्रस्तुत हैं फिल्म- ‘मुक्ति’ के लिए मुकेश…
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जिएं तो अपने बग़ीचे में–
जिएं तो अपने बग़ीचे में गुलमोहर के तले,मरें तो ग़ैर की गलियों में गुलमोहर के लिए| दुष्यंत कुमार