Category: Uncategorized
-
आज ज़िक्र-ए-यार चले!
क़फ़स उदास है यारो सबा से कुछ तो कहो,कहीं तो बहर-ए-ख़ुदा आज ज़िक्र-ए-यार चले| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
-
गुलशन का कारोबार चले!
गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले,चले भी आओ के गुलशन का कारोबार चले| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
-
आदतें डालने पर!
काफी लंबा समय हो गया ये ब्लॉग लिखते हुए| मैंने कभी यह नहीं सोचा कि विद्वान लोग ही इसको पढ़ें और अपनी सम्मति दें| जो भी मेरा पाठक है, वह मेरी दृष्टि में सबसे विद्वान है|शुरुआत मैंने की थी अपने जीवन के प्रसंगों, प्रारंभिक जीवन जो दिल्ली-शाहदरा में रहते हुए बिताया, उसके बाद विभिन्न स्थानों…
-
हवा, ख़ुश्बू, ज़मीनो-आसमाँ!
सब उसी के हैं हवा, ख़ुश्बू, ज़मीनो-आसमाँ,मैं जहाँ भी जाऊँगा, उसको पता हो जाएगा| बशीर बद्र
-
दवा हो जाएगा!
मैं ख़ुदा का नाम लेकर पी रहा हूँ दोस्तो,ज़हर भी इसमें अगर होगा, दवा हो जाएगा| बशीर बद्र
-
कोई दूसरा हो जाएगा!
कितनी सच्चाई से मुझसे ज़िन्दगी ने कह दिया,तू नहीं मेरा, तो कोई दूसरा हो जाएगा| बशीर बद्र
-
हम भी दरिया हैं!
हम भी दरिया हैं, हमें अपना हुनर मालूम है,जिस तरफ भी चल पड़ेंगे, रास्ता हो जाएगा| बशीर बद्र
-
सर झुकाओगे तो पत्थर!
सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा,इतना मत चाहो उसे, वो बेवफ़ा हो जाएगा| बशीर बद्र
-
ये मुरादों की हसीं रात!
आज साहिर लुधियानवी जी का लिखा एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जो 1964 में रिलीज हुई फिल्म- ग़ज़ल से है, जिसके नायक सुनील दत्त जी थे| हम जानते हैं कि विवाह के अवसर पर सेहरा गाया जाता है, खुशी का मौका होने के कारण और भी बहुत से गीत गाए जाते हैं, लेकिन हमारी…