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अब तुम्हारा प्यार भी!
हिन्दी काव्य जगत में गीतों के राज कुँवर के नाम से विख्यात स्वर्गीय गोपाल दास ‘नीरज’ जी का एक और गीत आज शेयर कर रहा हूँ, जिन्होंने न केवल कवि सम्मेलनों में श्रोताओं को अपने गीतों पर झूमने के लिए मज़बूर किया अपितु हिन्दी फिल्मों में भी कुछ लाजवाब गीतों के माध्यम से अपना अमूल्य…
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हाथ हिलाए भी, घबराये भी!
आने वाली रुत का कितना खौफ है उसकी आंखों में,जाने वाला दूर से हाथ हिलाए भी, घबराये भी| मोहसिन नक़वी
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मुझे समझाये भी घबराये भी!
कौन बिछड़कर फिर लौटेगा, क्यों आवारा फिरते हो,रातों को एक चांद मुझे समझाये भी घबराये भी| मोहसिन नक़वी
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गुमसुम लड़की राहों में!
रात गए घर जाने वाली गुमसुम लड़की राहों में,अपनी उलझी जुल्फों को सुलझाए भी घबराये भी| मोहसिन नक़वी
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शरमाये भी घबराये भी!
एक पगली मेरा नाम जो ले शरमाये भी घबराये भी,गलियों गलियों मुझसे मिलने आये भी घबराये भी| मोहसिन नक़वी
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शीशे के झरोखों से सजाया न करो!
शहर-ए-एहसास में पथराव बहुत है मोहसिन,दिल को शीशे के झरोखों से सजाया न करो| मोहसिन नक़वी
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प्यार के ज़ख्म अमानत हैं!
ये जरूरी नहीं हर शख्स मसीहा ही हो,प्यार के ज़ख्म अमानत हैं दिखाया न करो| मोहसिन नक़वी
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राम की शक्ति पूजा
एक बार फिर छायावाद युग में लौटते हैं और आज मैं उस युग के प्रमुख स्तंभ और हिन्दी कविता के गौरव स्वर्गीय सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी की एक प्रमुख रचना ‘राम की शक्तिपूजा’ का प्रारंभिक और अंतिम भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ| इस रचना में प्रसंग है कि श्रीराम जी का जब महाबली रावण से…
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अफ़साना बना लेते हैं!
लोग हर बात का अफ़साना बना लेते हैं,सबको हालात की रूदाद सुनाया न करो। मोहसिन नक़वी
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प्यार छुपाया न करो!
रेत पर लिख के मेरा नाम मिटाया न करो,आँख सच बोलती है प्यार छुपाया न करो। मोहसिन नक़वी