Category: Uncategorized
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लो करने आ गए जिरह!
आज फिर से मैं अपने अत्यंत प्रिय कवि और नवगीतकार स्वर्गीय रमेश रंजक जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| बाकी क्षेत्रों की तरह कविता और गीत, नवगीत की दुनिया में भी कुछ सृजनधर्मी रचनाकार होते हैं और बहुत से ऐसे लोग होते हैं जिनके पास रचना-कौशल या प्रतिभा तो नहीं होती परंतु तर्क…
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क्यों मेरे शेर हैं मक़बूल!
मुझसे करते हैं “क़तील” इसलिये कुछ लोग हसद,क्यों मेरे शेर हैं मक़बूल हसीनाओं में| क़तील शिफ़ाई
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किसी टूटे हुए दिल में होगा!
वो ख़ुदा है किसी टूटे हुए दिल में होगा,मस्जिदों में उसे ढूँढो न कलीसाओं में| क़तील शिफ़ाई
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मेरे हाथ की रेखाओं में!
जिस बरहमन ने कहा है के ये साल अच्छा है,उसको दफ़्नाओ मेरे हाथ की रेखाओं में| क़तील शिफ़ाई
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अब तो महंगाई के चर्चे हैं!
हौसला किसमें है यूसुफ़ की ख़रीदारी का,अब तो महंगाई के चर्चे हैं ज़ुलैख़ाओं में| क़तील शिफ़ाई
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बंट न जाये तेरा बीमार!
जो भी आता है बताता है नया कोई इलाज,बंट न जाये तेरा बीमार मसीहाओं में| क़तील शिफ़ाई
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मिलावट न करो छाँव में!
ऐ मेरे हम-सफ़रों तुम भी थाके-हारे हो,धूप की तुम तो मिलावट न करो छाँव में| क़तील शिफ़ाई
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वसंत आ गया!
स्वर्गीय दुष्यंत कुमार जी की एक कविता आज शेयर कर रहा हूँ| दुष्यंत जी द्वारा आपातकाल के दौरान लिखी गई ग़ज़लें तो व्यापक जन-समुदाय तक पहुंची हैं, जिनको ‘साये में धूप’ नाम से संकलित किया गया था|| लीजिए आज दुष्यंत कुमार जी की यह रचना ‘वसंत आ गया’ शेयर कर रहा हूँ, इस रचना में…