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मेरा जूता है जापानी!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं ‘श्री420’ फिल्म का यह प्रसिद्ध गीत अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे मुकेश जी ने गाया था- मेरा जूता है जापानी, ये पतलून इंग्लिस्तानी! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । ******
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वो न आए तो सताती है!
वो न आए तो सताती है ख़लिश सी दिल को,वो जो आए तो ख़लिश और जवाँ होती है| साहिर होशियारपुरी
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नीग्रो गुलामों का स्वर्ग स्वप्न!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय कुबेरनाथ राय जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कुबेरनाथ राय जी की यह कविता– भाइयों, वहाँ नहीं कंधे पर जुए हैंन ताँबे के कड़े हैं न लोहे की हँसली हैन कमरबंधी शृंखला है…
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निगाहों से बयाँ होती है!
कौन कहता है मोहब्बत की ज़बाँ होती है, ये हक़ीक़त तो निगाहों से बयाँ होती है| साहिर होशियारपुरी
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वो दिल से कम ज़बाँ ही से!
वो दिल से कम ज़बाँ ही से ज़ियादा बात करता था,जभी उस के यहाँ गहराई कम वुसअ’त ज़ियादा थी| राजेश रेड्डी
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ज़मीं के हर खिलौने की!
मयस्सर मुफ़्त में थे आसमाँ के चाँद तारे तक,ज़मीं के हर खिलौने की मगर क़ीमत ज़ियादा थी| राजेश रेड्डी
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दाता एक राम -2
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं स्वर्गीय अल्हड़ बीकानेरी जी की इस हास्य कविता का दूसरा भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ- दाता एक राम भिखारी सारी दुनिया आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******
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अब के तज़्दीद ए वफ़ा !
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में अहमद फराज़ जी की लिखी एक बहुत खूबसूरत ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसको ग़ुलाम अली जी ने बहुत सुरीले तरीके से गाया है- अब के तज़्दीद ए वफ़ा का नहीं इमकां जानां! आशा है आपको यह पसंद आएगी, धन्यवाद। *******
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जवाँ होने से पहले ही!
जवाँ होने से पहले ही बुढ़ापा आ गया हम पर,हमारी मुफ़्लिसी पर उम्र की उजलत ज़ियादा थी| राजेश रेड्डी