Category: Uncategorized
-
शक्ल हमारी न आएगी!
तहरीरों गुफ़्तगू में किसे ढूँढ़ते हैं लोग,तस्वीर में भी शक्ल हमारी न आएगी| बशीर बद्र
-
ख़ुशबू कदम्ब के फूलों की!
डॉक्टर कुमार शिव, हिन्दी के बहुत श्रेष्ठ गीतकार थे, आकाशवाणी जयपुर में रहते हुए उनके साथ आकाशवाणी की कवि गोष्ठी तथा रिकॉर्डिंग में शामिल होने के भी अवसर प्राप्त हुए थे| उनकी एक पंक्ति जो पहले भी मैंने उद्धृत की थी, वह है – ‘फ्यूज बल्बों के अद्भुद समारोह में, रोशनी को शहर से निकाला…