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जंगल की याद मुझे मत दिलाओ!
एक बार फिर मैं स्वर्गीय सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी एक कविता शेयर कर रहा हूँ| सर्वेश्वर जी ने इस कविता में जंगल के एक पेड़ को पीड़ा को अभिव्यक्त किया है, जो जंगल में अनेक पक्षियों का निवास था, आज वह पेड़ जल रहा है| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी यह…