Category: Uncategorized
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देख के नफ़रत नहीं करता!
वो शख़्स कि मैं जिससे मोहब्बत नहीं करता, हँसता है मुझे देख के नफ़रत नहीं करता| क़तील शिफ़ाई
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मैंने तो कुछ धूप के टुकड़े माँगे थे!
हिन्दी के श्रेष्ठ कवि एवं नवगीतकार स्वर्गीय कुमार शिव जी का एक नवगीत आज शेयर कर रहा हूँ| आकाशवाणी, जयपुर में रहते हुए उनसे भेंट करने और गोष्ठियों में उनके साथ काव्य पाठ करने का भी अवसर मिला था| उनकी कुछ पंक्तियाँ जो मैं अक्सर दोहराता हूँ, वे हैं- ‘फ्यूज बल्बों के अदभुद समारोह में,…
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हर हाथ मिलाने वाला!
तुम तकल्लुफ़ को भी इख़्लास समझते हो ‘फ़राज़’, दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला| अहमद फ़राज़
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ख़्वाब की ताबीर बताने वाला!
मैंने देखा है बहारों में चमन को जलते, है कोई ख़्वाब की ताबीर बताने वाला| अहमद फ़राज़
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सर-ए-दार भी लाने वाला!
क्या ख़बर थी जो मिरी जाँ में घुला है इतना, है वही मुझको सर-ए-दार भी लाने वाला| अहमद फ़राज़
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यहाँ कौन है आने वाला!
मुंतज़िर किसका हूँ टूटी हुई दहलीज़ पे मैं, कौन आएगा यहाँ कौन है आने वाला| अहमद फ़राज़
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तन्हा हूँ तो कोई नहीं आने वाला!
तेरे होते हुए आ जाती थी सारी दुनिया, आज तन्हा हूँ तो कोई नहीं आने वाला| अहमद फ़राज़
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शख़्स है मुँह फेर के जाने वाला!
क्या कहें कितने मरासिम थे हमारे उससे, वो जो इक शख़्स है मुँह फेर के जाने वाला| अहमद फ़राज़
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ग़ुंचा-ए-दिल में सिमट आने वाला!
सुब्ह-दम छोड़ गया निकहत-ए-गुल की सूरत, रात को ग़ुंचा-ए-दिल में सिमट आने वाला| अहमद फ़राज़
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अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला!
दोस्त बनकर भी नहीं साथ निभाने वाला, वही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला| अहमद फ़राज़