Category: Poetry
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That stone, broke everything!
This is the story of Ravi, which I would write, as if he is writing it. Today is going to be a day full of activities. Election results are to be announced today. My Netaji, who is my mentor, I have been living at his bungalow, the MLA residence, here in the capital city of…
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हर लड़की की अम्मा मुझको!
आज स्वर्गीय गोपाल प्रसाद व्यास जी की एक हास्य कविता शेयर कर रहा हूँ| व्यास जी किसी समय दिल्ली में ‘हिन्दी साहित्य सम्मेलन’ के कर्ता-धर्ता हुआ करते थे| लाल-किले पर प्रतिवर्ष स्वाधीनता दिवस और गणतन्त्र दिवस पर आयोजित होने वाले विराट कवि-सम्मेलन के भी वही आयोजक होते थे, जहां मुझे बहुत से प्रमुख कवियों को…
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तू दबे पाँव कभी आ के चुरा ले मुझको!
आज मैं कतील शिफाई जी की एक गजल शेयर कर रहा हूँ| इस गजल के कुछ शेर जगजीत सिंह जी ने भी गाए हैं| बड़ी सुंदर गजल है, आइए इसका आनंद लेते हैं- अपने हाथों की लकीरों में बसा ले मुझको, मैं हूँ तेरा,तू नसीब अपना बना ले मुझको| मुझसे तू पूछने आया…
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व्यवसाय- रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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भारतीय दर्शन और हिन्दू धर्म
बहुत पहले कहीं पढ़ा था कि विभिन्न धर्मों का अध्ययन कर रहे एक विदेशी विद्वान से जब पूछा गया कि विभिन्न धर्मों के अपने अध्ययन के आधार पर वे क्या कहना चाहेंगे! इस पर उसने कहा था कि आम आदमी के लिए सबसे आसान है मुस्लिम धर्म- पाँच टाइम नमाज पढ़ो और कोई गलती हुई…
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किसी के जाने पर!
उर्दू का एक प्रसिद्ध शेर है, किसी के जाने की ज़िद को लेकर, शायर का नाम मुझे याद नहीं आ रहा- अभी आए, अभी बैठे, अभी दामन सँभाला है, तुम्हारी जाऊँ, जाऊँ ने हमारा दम निकाला है| एक और फिल्मी गीत की पंक्ति हैं- चले जाना ज़रा ठहरो, किसी का दम निकलता…
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तो क्या यहीं करेंगे!
कुछ अलग तरह का भी होना चाहिए, इसलिए आज अशोक चक्रधर जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ जो आप देख सकते हैं कि अलग तरह की है| हाँ इसके बारे में कुछ कहूँगा नहीं, आप समझ सकते हैं कि इसमें मेरे कुछ कहने की जरूरत ही नहीं है| लीजिए प्रस्तुत है यह कविता-…
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तुझको चलना होगा!
आज मैं 1970 में रिलीज़ हुई फिल्म- सफर का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| इस फिल्म में राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर प्रमुख भूमिकाओं में थे और बहुत ही प्रभावशाली कहानी और अभिनय इस फिल्म की विशेषता थी| जहां तक मुझे याद है यह फिल्म प्रेम त्रिकोण पर आधारित है, नायिका शर्मिला टैगोर अपने…
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माँ है रेशम के कारख़ाने में!
अली सरदार जाफरी साहब की एक नज़्म आज शेयर कर रहा हूँ| इस रचना में पिछड़े वर्ग के लोगों की ज़िंदगी का ऐसा चित्रण किया गया है, जिनकी हालत पीढ़ी दर पीढ़ी एक जैसी बनी रहती है, कोई सपने नहीं, कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है| जाफरी साहब एक प्रगतिशील शायर थे, मुद्दतों पहले उन्होंने…
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इसे दोस्ती नाम क्यों दे दिया!
आज एक बार फिर से मुझे अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक गीत याद आ रहा है| संभव है यह गीत मैंने पहले भी शेयर किया हो| 1956 में रिलीज़ हुई फिल्म- देवर के लिए यह गीत आनंद बख्शी जी ने लिखा था और रोशन जी के संगीत निर्देशन में मुकेश जी ने…