Category: Poetry
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वो दबदबा वो रौब-ए-हुकूमत कहाँ है आज!
अली सरदार जाफ़री साहब का उर्दू अदब में एक अहम मुकाम है, उनको प्रतिष्ठित भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार तथा और अन्य अनेक पुरस्कार प्राप्त हुए थे| भारतीय फिल्मों में भी उनकी अनेक रचनाओं को शामिल किया गया था| लीजिए प्रस्तुत है अली सरदार जाफ़री साहब की यह ग़ज़ल- एक जू-ए-दर्द दिल से जिगर तक रवाँ है…
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सूरज सोख न लेना पानी!
डॉक्टर कुँवर बेचैन जी मेरे लिए गुरु तुल्य हैं, मैं भी कुछ समय उसी महाविद्यालय का छात्र रहा जिसमें वे प्रोफेसर थे| दिल्ली में रहते हुए कवि गोष्ठियों में तो उनसे भेंट होती ही रही, बाद में एक आयोजक की भूमिका निभाते हुए भी उनको कवि सम्मेलनों में आमंत्रित करने का सौभाग्य मुझे मिला| बहुत…
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शुभाशीष- रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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जिसमें तहख़ानों में तहख़ाने लगे हैं!
आज फिर से दुष्यंत कुमार जी की एक गजल शेयर कर रहा हूँ| दुष्यंत कुमार जी हिन्दी के एक प्रतिनिधि कवि थे लेकिन उनको सामान्य जनता के बीच विशेष ख्याति आपातकाल में लिखी गई गज़लों के कारण मिली थी, जिनको बाद में एक संकलन – ‘साये में धूप’ के रूप में प्रकाशित किया गया| प्रस्तुत…
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ये बर्फ आंच के आगे पिघल न जाए कहीं!
आज फिर से दुष्यंत कुमार जी की एक गजल शेयर कर रहा हूँ| दुष्यंत कुमार जी हिन्दी के एक प्रतिनिधि कवि थे लेकिन उनको सामान्य जनता के बीच विशेष ख्याति आपातकाल में लिखी गई गज़लों के कारण मिली थी, जिनको बाद में एक संकलन – ‘साये में धूप’ के रूप में प्रकाशित किया गया|प्रस्तुत है…
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जो बीत गया है वो गुज़र क्यूँ नहीं जाता!
उर्दू के विख्यात शायर निदा फाजली साहब की एक गजल शेयर कर रहा हूँ, निदा साहब बड़ी सहज भाषा में बहुत गहरी बात कह देते हैं| उनकी कुछ पंक्तियाँ जो बरबस याद आ जाती हैं, वे हैं- ‘मैं रोया परदेस में, भीगा माँ का प्यार, दुख ने दुख से बात की, बिन चिट्ठी, बिन तार’,…
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कैसा मौसम है ये!
आज हम ऐसे समय में चल रहे हैं जिसकी न किसी ने पहले कल्पना की होगी और निश्चित रूप से किसी ने इसकी कामना तो नहीं ही की होगी| जी हाँ कोरोना की महामारी का यह काल, पूरी मानव जाति को इसने त्रस्त करके रखा है| सब यही सोचते रहते हैं कि कब यह दौर…
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पुष्पों का विद्यालय – रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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राजा को खबर तक नहीं!
आज मैं पंडित श्रीकृष्ण तिवारी जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ, जो मेरे हमनाम हैं (मैं शर्मा हूँ, वे तिवारी हैं), वाराणसी के निवासी हैं और उन्होंने कुछ बहुत सुंदर नवगीत लिखे हैं| मैंने अपनी संस्था के लिए किए गए आयोजनों में से एक में श्री तिवारी जी को बुलाया था जिसमें उन्होंने…
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आँचल बुनते रह जाओगे!
लीजिए आज प्रस्तुत है, स्वर्गीय रामावतार त्यागी जी का लिखा एक सुंदर गीत| रामावतार त्यागी जी किसी समय हिन्दी कवि सम्मेलनों में गूंजने वाला एक प्रमुख स्वर हुआ करते थे| यह गीत भी उनकी रचनाशीलता का एक उदाहरण है- मैं तो तोड़ मोह के बंधनअपने गाँव चला जाऊँगा,तुम आकर्षक सम्बन्धों का,आँचल बुनते रह जाओगे| मेला…