Category: Film Song
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बस एक निगाह प्यार की!
आज मोहम्मद रफी साहब का एक गाना शेयर कर रहा हूँ| रफी साहब ने हर तरह के गाने गाए हैं, और आज का गाना मस्ती से भरा हुआ है| वर्ष 1965 में रिलीज़ हुई फिल्म- मेरे सनम के लिए मजरूह सुल्तानपुरी साहब के लिखे इस गीत का संगीत दिया है ओ पी नैयर साहब ने|…
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चांद आहें भरेगा!
आज एक बार फिर मैं अपने प्रिय गायक- मुकेश जी का गाया एक गीत शेयर करूंगा| नायिका के सौंदर्य का वर्णन करने वाले अनेक गीत आपने सुने होंगे, लेकिन इस ऊंचाई वाला गीत बहुत मुश्किल से सुनने को मिलता है, और फिर मुकेश जी की आवाज़ तो इसमें अलग से जान डाल ही रही है|…
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फिर भी हम अकेले हैं!
आज एक गीत शेयर कर रहा हूँ जो सबा अफ़गानी जी का लिखा हुआ है और जहां तक मुझे याद था, मैंने इसे बहुत पहले अनूप जलोटा जी की आवाज में सुना था, लेकिन अब मालूम हुआ की ये टी सीरीज़ की ओर से ‘कसम तेरी कसम’ की एल्बम के लिए सोनू निगम जी की…
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मेरी आत्मा की ये आवाज़ है!
हिन्दी फिल्मों के प्रमुख गीतकार और श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय- पंडित भरत व्यास जी का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| भरत व्यास जी का गीत लेखन का अपना अलग अंदाज़ था और एक बात यह कि उनकी रचनाओं में उनकी अटूट आस्था दिखाई देती है| इत्तफाक से एक बात याद आ रही है कि…
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इन आँखों का हर इक आँसू ,मुझे मेरी क़सम दे दो!
प्रसिद्ध शायर और फिल्मी गीतकार- जनाब मेहंदी अली खान साहब का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| उन्होंने फिल्मों को अनेक सुंदर गीत दिए हैं और 1964 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘आपकी परछाइयाँ’ का यह गीत भी काफी लोकप्रिय हुआ था| मदन मोहन जी के संगीत निर्देशन में यह गीत लता मंगेशकर जी ने…
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भीगी पलकें न झुका!
आज मुझे मेरे प्रिय गायक स्वर्गीय मुकेश जी का गाया एक बहुत सुंदर गीत याद आ रहा है | फिल्म- साथी के लिए इस गीत को लिखा था मजरूह सुल्तानपुरी साहब ने और इसका संगीत दिया था- नौशाद साहब ने| कुल मिलाकर इस गीत में ऐसा दिव्य वातावरण तैयार होता है, ऐसा लगता है की…
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नींद सूरज-सितारों को आने लगे!
वक़्त भी क्या-क्या चालें चलता है, आज तो देश और दुनिया के लिए मानो परीक्षा की घड़ी है| वक़्त की इस चाल की चिंता तो हम सभी को करनी है और करनी भी पड़ेगी, लेकिन यहाँ मैं इससे अलग जाते हुए नायिका की चाल, चालबाजी नहीं जी, सिर्फ ‘चाल’, उसके चलने के अंदाज़ के बारे…
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दर्द के नाम से वाक़िफ़ न जहां हो कोई !
आज एक गीत याद आ रहा है, फिल्म- ‘नई रोशनी’ से, यह गीत मोहम्मद रफ़ी साहब ने फिल्म अभिनेता- स्वर्गीय राज कुमार जी के लिए गाया है| राज कुमार जी नशे की एक्टिंग काफी अच्छी करते थे| उनका ‘वक़्त’ फिल्म का एक संवाद बहुत प्रसिद्ध है- ‘जिनके घर शीशे के हों, वो दूसरे के घर…
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तेरी मेहंदी लेकर दिन उगा!
नीरज जी हिन्दी साहित्यिक मंचों के अत्यंत सुरीले और सृजनशील गीतकार थे, जिन्होंने फिल्म जगत में भी अपना विशेष स्थान बनाया था| आज नीरज जी का लिखा एक मस्ती भरा फिल्मी गीत शेयर कर रहा हूँ, जिसे 1971 में रिलीज़ हुई फिल्म- शर्मीली के लिए सचिन देव बर्मन जी के संगीत निर्देशन में किशोर कुमार…
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टूटा नहीं दिल ये अभी!
आज मैं फिर से अपने प्रिय गायक मुकेश जी का एक खूबसूरत गीत शेयर कर रहा हूँ| फिल्म-दूल्हा-दुल्हन के लिए यह गीत राज कपूर जी पर फिल्माया गया था, गीत के लेखक थे- इंदीवर और संगीतकार थे – कल्याणजी-आनंदजी|वैसे भी मुकेश जी उदासी भरे नग़मों के शहंशाह माने जाते हैं, हालांकि उन्होंने मस्ती भरे गीत…