अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर मेंअहमद फराज़ साहब की लिखी यह ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे मेहदी हसन जी ने गाया है-
रंज़िश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ!
आशा है आपको यह पसंद आएगी,
धन्यवाद।
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