मैं ये सोचकर उसके दर से उठा था!

अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं हक़ीक़त फिल्म के लिए कैफी आज़मी साहब की लिखी एक नज़्म अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ , जिसे मदन मोहन जी के संगीत निर्देशन में मोहम्मद रफी जी ने गाया था-

मैं ये सोचकर उसके दर से उठा था, कि वो रोक लेगी, मना लेगी मुझको!


आशा है आपको यह पसंद आएगी,
नमस्कार।
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