तो हैरानी से मर जाऊँ!

तुम उस को देख कर छू कर भी ज़िंदा लौट आए हो,
मैं उस को ख़्वाब में देखूँ तो हैरानी से मर जाऊँ|

महशर आफ़रीदी

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