अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में अहमद फराज़ जी की लिखी एक बहुत खूबसूरत ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसको ग़ुलाम अली जी ने बहुत सुरीले तरीके से गाया है-
अब के तज़्दीद ए वफ़ा का नहीं इमकां जानां!
आशा है आपको यह पसंद आएगी,
धन्यवाद।
*******
Leave a comment