अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में खामोश गज़ीपुरी जी कि लिखी यह खूबसूरत ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे जगजीत सिंह जी ने बहुत सुंदर तरीके से गाया है-
दैर ओ हरम में बसने वालो, मयख्वारों में फूट न डालो!
आशा है आपको यह पसंद आएगी,
धन्यवाद।
*****
Leave a comment