चराग़ ओ आफ़ताब ग़ुम!

अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं सुदर्शन फ़ाकिर जी की लिखी यह ग़ज़ल अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ, जिसे जगजीत सिंह जी ने बहुत मोहक अंदाज़ में गाया है-

चराग़ ओ आफ़ताब ग़ुम, बड़ी हसीन रात थी

आशा है आपको यह पसंद आएगी,

धन्यवाद।

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