अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैंने स्वर्गीय मुकुट बिहारी सरोज जी की इस व्यंग्य कविता के दो भाग पहले शेयर किए हैं, आज कविता का तीसरा और अंतिम भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ-
इन्हें प्रणाम करो ये बड़े महान हैं-3
आशा है आपको यह पसंद आएगा,
धन्यवाद।
********
Leave a comment