वो गुनगुनाते रास्ते!

वो गुनगुनाते रास्ते ख़्वाबों के क्या हुए,
वीराना क्यूँ हैं बस्तियाँ बाशिंदे क्या हुए|

शीन काफ़ निज़ाम

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