यहाँ तो सब की ख़्वाहिश एक सी है रोटियाँ, सिक्के,
मेरे युग में नहीं ख़्वाब-ए-जवानी माँगने वाले।
मंज़र भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds
यहाँ तो सब की ख़्वाहिश एक सी है रोटियाँ, सिक्के,
मेरे युग में नहीं ख़्वाब-ए-जवानी माँगने वाले।
मंज़र भोपाली
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