अच्छा है पर कभी कभी!

अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में हुल्लड मुरादाबादी जी की एक हास्य कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ-

बहरों को फरियाद सुनाना
अच्छा है पर कभी कभी
!


आशा है आपको यह पसंद आएगी,
धन्यवाद।
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2 responses to “अच्छा है पर कभी कभी!”

  1. बहुत अच्छा।

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    1. हार्दिक आभार जी

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