सलाम उस पर अगर ऐसा कोई फ़नकार हो जाए,
सियाही ख़ून बन जाए क़लम तलवार हो जाए|
कैफ़ भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds
सलाम उस पर अगर ऐसा कोई फ़नकार हो जाए,
सियाही ख़ून बन जाए क़लम तलवार हो जाए|
कैफ़ भोपाली
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