जाने किस की लगन किस के धुन में मगन हम को जाते हुए मुड़ के देखा नहीं,
हम ने आवाज़ पर तुम को आवाज़ दी फिर भी कहते हैं हम ने पुकारा नहीं|
क़मर जलालवी
A sky full of cotton beads like clouds
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