उम्र भर का सहारा !

आज आए हो तुम कल चले जाओगे ये मोहब्बत को अपनी गवारा नहीं,
उम्र भर का सहारा बनो तो बनो दो घड़ी का सहारा सहारा नहीं|

क़मर जलालवी

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