गीत उन्मन है, ग़ज़ल चुप है!

गीत उन्मन है, ग़ज़ल चुप है, रूबाई है दुखी
ऐसे माहौल में ‘नीरज’ को बुलाया जाए।

गोपाल दास नीरज

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