मैं ने जिस लम्हे को पूजा है उसे बस इक बार,
ख़्वाब बन कर तिरी आँखों में उतरता देखूँ|
परवीन शाकिर
A sky full of cotton beads like clouds
मैं ने जिस लम्हे को पूजा है उसे बस इक बार,
ख़्वाब बन कर तिरी आँखों में उतरता देखूँ|
परवीन शाकिर
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