बोलियाँ रह जाएँगी!

सिर्फ़ लफ़्ज़ों को नहीं अंदाज़ भी अच्छा रखो,
इस जगत में सिर्फ़ मीठी बोलियाँ रह जाएँगी।

आदर्श दुबे

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