अपने यूट्यूब चैनल के साथ मैं फिर उपस्थित हूँ, इस बार मैं निदा फाज़ली साहब के लिखे कुछ दोहे अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ जिनको जगजीत सिंह जी ने गाया था, जैसे-
मैं रोया परदेस में, भीगा मां का प्यार,
दुख ने दुख से बात की, बिन चिट्ठी, बिन तार।
आशा है आपको ये पसंद आएंगे,
धन्यवाद।
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