उस आख़िरी नज़र में अजब दर्द था ‘मुनीर’,
जाने का उस के रंज मुझे उम्र भर रहा|
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds
उस आख़िरी नज़र में अजब दर्द था ‘मुनीर’,
जाने का उस के रंज मुझे उम्र भर रहा|
मुनीर नियाज़ी
Leave a comment