रिंद का साक़ी का!

मोहतसिब की ख़ैर ऊँचा है उसी के फ़ैज़ से,
रिंद का साक़ी का मय का ख़ुम का पैमाने का नाम|

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

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