अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं कबीर दास जी के कुछ पद, जिनको मुकेश जी ने गाया है उनको अपने स्वर में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूँ-
तूने रैन गंवाई सोय के, दिवस गंवाया खाय के,
हीरा जनम अमोल था, कौड़ी बदले जाय!
आशा है आपको यह पसंद आएगा।
धन्यवाद।
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